How to Learn Computer in Hindi

How to Learn Computer in Hindi
आप कंप्यूटर सीखना तो चाहते है लेकिन हिंदी में नेट पे बहुत कम लेख उपलब्ध होने के कारण सीख नहीं पा रहे है तो.....

यूनिवर्सल व्यूअर

Posted By: Dharmendra Goyal - 9:37 pm
किसी फाइल को खोलने की तमाम कोशिश करके थक चुके हैं तो www.uvviewsoft.com पर जाएं। यहां मौजूद यूनिवर्सल व्यूअर सॉफ्टवेयर पचासों किस्म की फाइलों को खोलकर उनके भीतर की सामग्री दिखाने में सक्षम है। इसका फ्री वर्जन भी उपलब्ध है।
  • Images: all major graphics formats: JPG BMP ICO GIF PNG WMF TIFF PSD..., over 40 formats. Also RAW images from 400+ cameras are supported.
  • Multimedia: all major media formats: AVI MPG WMV MP3 MP4 FLV MKV..., over 170 formats.
  • Word: file types of MS Office Word: DOC DOCX.
  • Excel: file types of MS Office Excel: XLS XLSX.
  • PDF: Adobe PDF format, plus DJVU XPS CBR CBZ.
  • RTF: Rich Text format.
  • Internet: all file types supported by MS Internet Explorer: HTML XML MHT...
  • Text: text view for unknown file types. Files of unlimited size can be shown (even 4Gb+ sizes are allowed). All major text encodings supported. Unicode/UTF-8 views are present.
  • Plugins: all file types supported by Total Commander Lister plugins.

For Word/Excel/PDF files, no additional software is needed to view these files. MS Office/Adobe Reader/etc may be not installed at all. For multimedia files, no external codecs are needed too.

Application is integrated into Windows Explorer's context menu, so it is easy to call it from anywhere in Explorer: right-click on a file and select the "Universal Viewer" item.

Two application versions are available: Free and Pro

बहुत सी फाइलों को एकसाथ रीनेम करना

Posted By: Dharmendra Goyal - 9:33 pm
आप किसी फोल्डर में मौजूद दर्जनों या सैकड़ों फाइलों को एक जैसे नाम देना चाहते हैं तो निचे दिए गए स्टेप्स यूज करे :
  • सबसे पहले Windows Explorer में Start>All> Programs->Accessories->Windows Explorer के जरिए जाकर संबंधित फाइलों को एक साथ सलेक्ट करें 
  • Control बटन दबाते हुए फाइलों पर क्लिक करते जाएं। 
  • अब उन्हें सलेक्ट रखते हुए ही F2 दबाएं। 
  • इससे कर्सर किसी एक फाइल का नाम बदलने वाली पोजिशन में आ जाएगा। 
  • इस फाइल का नाम बदलकर Enter दबाएं। 
  • सभी फाइलों के नाम बदल जाएंगे।

 

माउस कर्सर को कैसे बदले?

Posted By: Dharmendra Goyal - 6:37 pm
 निचे दी गयी स्टेप्स को फोलो करे :-
  1. Open the Control Panel.
  2. In the Control Panel double-click the Mouse icon.
  3. In the Mouse Properties click the Pointers tab.
  4. In Pointers click the down arrow on the Scheme and select another cursor scheme you wish to use.
Download More Cursor 

How to recover windows password

Posted By: Dharmendra Goyal - 10:58 pm
यदि आप ने अपना Login User Name and Password बना रखा और किसी कारण से भूल गए है तो अब घबराना नहीं है बस जब लोगिन स्क्रीन आती है तब ctrl+alt+del को दो बार दबाओं और जब फिर एक नई स्क्रीन आये तो इसमें User Name = adminstartor टाइप करो pass word वाला कॉलम खाली रखना है और इसमें कुछ भी टाइप नहीं करना है |  


Supports Windows

XP, XP+SP2, XP+SP3, 2003, 2000, NT, Windows XP Professional x64 Edition (64-bit), Windows Server 2003 x64 Edition (64-bit) Operating Systems, Windows VISTA, Windows VISTA(64-bit), Windows Server 2008 & Windows 7.

सोशल नेटवर्किंग साइट (फेसबुक) पर बिजनेस कनेक्शंस कैसे बनाये

Posted By: Dharmendra Goyal - 9:36 am


अगर आप बिजनेस से बेहतर रिजल्ट्स चाहते हैं, तो फेसबुक अकाउंट इसमें आपकी मदद कर सकता है। जी हां, इस सोशल नेटवर्किंग साइट पर बिजनेस कनेक्शंस भी बना सकते हैं। गौरतलब है कि तमाम छोटे- बड़े     ऑर्गनाइजेशंस फेसबुक समेत दूसरी नेटवर्किंग साइट्स की मदद से अपने बिजनेस का प्रमोशन कर रहे हैं।

क्यों हो रहा है पॉपुलर
फेसबुक पर इस वक्त करीब 800 मिलियन यूजर्स रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में अपने प्रॉडक्ट्स को इतने लोगों के सामने पेश करने का इससे बेहतर जरिया और कोई हो भी नहीं सकता। फेसबुक की ग्लोबल कम्यूनिकेशंस मैनेजर कुमिको हिदाका कहती हैं, 'फेसबुक पर ऐड्स लोगों के इंटरेस्ट्स को देखते हुए प्लेस की जाती हैं। ऐसे में, व्यक्ति को यह पता रहता है कि वह किस तरह के कस्टमर को किस जगह पर टार्गेट कर रहा है। इस तरह, वह अपनी सर्विसेज की डिमांड वाले कस्टमर ग्रुप तक पहुंच सकता है।'

बजट फ्रेंडली
अगर एडवर्टाइजिंग को लेकर आपका बजट लिमिटेड है, तो भी फेसबुक इस मामले में आपकी हेल्प करेगा। दरअसल, अलग-अलग इंटरेस्ट वाले लोगों का अकाउंट यहां होने की वजह से यहां हर तरह के बिजनेस के लिए पूरा स्कोप है। ऐसे में, शुरुआत में कुछ हजार से ही काम चलाया जा सकता है। आप अपनी स्पेसिफिकेशंस तय करने के बाद उसी हिसाब से बजट तय कर सकते हैं, तो फ्रेंड्स के रेफरल भी इस मामले में बहुत काम करते हैं। यही नहीं, प्रॉडक्ट्स के ऑनलाइन कॉन्टेस्ट्स भी चलाए जा सकते हैं।

फीडबैक का फायदा
नेटवर्किंग साइट्स पर आपकी पोस्ट को तुरंत फीडबैक मिल जाता है। लोगों की विजिट्स और कमेंट्स इस बात का सबूत होते हैं कि आपके ऐड्स और प्रॉडक्ट्स पसंद किए जा रहे हैं या नहीं। अगर यह हिट हो जाए , तो इसे और एक्स्प्लोर किया जा सकता है। वरना कमजोर होने के केस में इंस्टैंट मॉडिफिकेशंस पर ध्यान देना होता है। गौरतलब है कि एक टेलिकम्यूनिकेशन कंपनी का ' सेव द टाइगर ' कैंपेन फेसबुक पर खूब पॉपुलर हुआ। फिर अन्ना हजारे के साथ भी फेसबुक का मजबूत साथ रहा।

स्पेशल बेनेफिट्स
लिमिटेड लोगों तक पहुंच के चलते कंवेंशनल मीडिया आज के दौर में पुरानी बात हो चुकी है। ऐसे में , डिजिटल मीडिया को काफी भाव मिल रहा है। ' कम्यूनिकेट 2' के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक भार्गव कहते हैं , ' फ्रीक्वेंसी और मल्टिमीडिया की फैसिलिटी डिजिटल मीडिया की बहुत बड़ी कमी थी। यही वजह है कि इस कमी को पूरा करने वाली साइट्स पर जैसे ही एडवर्टाइजर्स की नजर पड़ी , वैसे ही यहां ऐड ब्लास्ट हो गया। '

ऐसे बनाएं परफेक्ट बिजनेस अकाउंट
प्रोफाइल मैनेज करें
  • अपना प्रोफाइल सही तरह कंप्लीट करें।
  • प्रॉपर फीडबैक के लिए सही एप्लिेकेशंस इंस्टॉल करें।
  • सेटिंग्स में पर्सनल इंफॉर्मेशन का पार्ट प्राइवेट कर दें।
  • ब्रैंड की सही इमेज के लिए अपनी प्रफेशनल व पर्सनल कैजुअल पिक्चर्स पोस्ट करें।

दूसरों से कनेक्टिविटी
  • फेसबुक वैनिटी यूआरएल लें , ताकि लोग आपको आसानी से सर्च कर सकें।
  • अपने फेसबुक यूआरएल को अपने ई - मेल में बतौर सिग्नेचर एड करें।
  • अपनी क्रेडिबिलिटी बढ़ाने के लिए अपने बिजनेस से जुड़े आर्टिकल्स और इंटरेस्टिंग इंफॉर्मेशन दें।
  • फेसबुक अकाउंट को ट्विटर जैसे दूसरे सोशल मीडिया टूल से जोड़ें।
  • कहीं भी जाने से पहले कनेक्टेड लोगों की लोकेशंस चेक कर लें। अगर हो सके , तो वहां उनसे मिलकर आएं।
  • ज्यादा कनेक्शंस ढूंढने के लिए अपने ई - मेल से कॉन्टैक्ट्स अपलोड कर लें।
  • फ्रेंड्स लिस्ट में म्यूचुअल कॉन्टैक्ट्स तलाशें।
  • अपने फील्ड के एक्सपर्ट को आप अपने ब्लॉग पर गेस्ट ब्लॉगर बना सकते हैं।
  • सही ऑडियंस तक पहुंचने के लिए फेसबुक ऐड्स खरीद सकते हैं।

नेटवर्क , ग्रुप और फैन पेज का यूज
  • किसी प्रॉडक्ट , ब्रैंड या बिजनेस के लिए ग्रुप या फिर फैन पेज बना सकते हैं।
  • यहां आप कंपनी की बेसिक इंफॉर्मेशन मसलन कंपनी की साइट का लिंक , न्यूज लेटर वगैरह पोस्ट कर सकते हैं।
  • बिजनेस से रिलेटिड नेटवर्क , इंडस्ट्री और एलुमनी ग्रुप्स जॉइन करें। इन्हें आप आराम से सर्च कर सकते हैं।

फेसबुक अकाउंट को स्पाम अटैक से बचाए

Posted By: Dharmendra Goyal - 3:52 pm


अगर फेसबुक बार - बार होने वाले इन स्पैम अटैक से नहीं निपट पा रहा , तो बेशक आपको अपनी सेफ्टी खुद ही करनी होगी। बेहतर होगा कि आप सोशल साइट पर किसी अनजान विडियो या लिंक को क्लिक करें ही ना। खासकर ऐसे लुभाने वाले लिंक पर कतई क्लिक न करें , जिन लिखा हो कि आप उन्हें नहीं देख सकते। इसके अलावा , आप अपनी प्राइवेसी सेटिंग में जाकर किसी और के आपकी प्रोफाइल पर कुछ भी पोस्ट करने के ऑप्शन को बंद कर दें। साथ ही , फेसबुक के सेफ्टी रूल्स को भी फॉलो करें।

विशेष ध्यान दे :-
  • क्लिक न करें अनजान लिंक
  • अपनी वॉल को करें प्राइवेट
  • फॉलो करें फेसबुक के सेफ्टी रूल्स

How to Buy a Printer

Posted By: Dharmendra Goyal - 1:38 pm


बाजार में कई तरह के प्रिंटर मिलते हैं। सिर्फ प्रिंटर या मल्टी फंकशन डिवाइस (एमएफडी) में स्कैन, प्रिंटर, कॉपियर या फैक्स एक ही डिवाइस में मौजूद होते हैं। ये डिवाइस स्पेस कम खाते हैं। 

एमएफडी या प्रिंटर भी दो तरह के होते हैं पहला : लेजर और दूसरा इंकजेट। लेजर प्रिंटर में मोनोक्रोम या कलर लेजर प्रिंटर होते हैं जबकि इंकजेट में अब कलर प्रिंटर ही आते हैं। 

इंकजेट और लेजर प्रिंटर में कई तरह के फर्क हैं। लेजर प्रिंटर में लेजर बीम से ड्रम पर इमेज बनती है और प्रिंटर उसे पेपर पर ट्रांसफर कर देता है। वहीं इंकजेट एक स्प्रे टेक्नॉलजी है जो इंक को पेपर पर स्प्रे करती है। इस टेक्निक की वजह से लेजर प्रिंटर काफी फास्ट है और इसकी प्रिंट क्वॉलटी भी अच्छी है।

ऑफिस या होम ऑफिस के लिए आप एंट्री लेवल लेजर प्रिंटर या हाई-एंड एमएफडी ले सकते हैं। ऑफिस प्रिंटर के लिए बफर साइज ज्यादा-से-ज्यादा (प्रिंट को जल्दी मेनेज करने के लिए), रैम कपैसिटी ज्यादा (कॉम्प्लेक्स पेजेज जैसे ग्राफिक्स आदि को प्रिंट करने के लिए) और ड्यूटी साइकल ज्यादा-से-ज्यादा लें। 

बफर साइज ज्यादा होने से प्रिंटिंग प्रोसेस फास्ट हो जाता है। ड्यूटी साइकल लेजर प्रिंटर में उसके ड्रम की कपैसिटी के बारे में बताता है। इसके अलावा ऑफिस प्रिंटर के लिए आपको नेटवर्क कनेक्टिविटी और सॉफ्टवेयर कम्पैटेबिलिटी जैसे Linux, Windows, Mac आदि से अनुकूलता का ध्यान रखना होगा। 

आप जिस ऑपरेटिंग सिस्टम से प्रिंट करेंगे उसके साथ प्रिंटर की अनुकूलता जरूरी है। अगर ज्यादा प्रिंट निकालने हो तो लेजर प्रिंटर ही लेना चाहिए। कलर प्रिंट चाहते हैं तो इंकजेट प्रिंटर ही लें क्योंकि कलर प्रिंटर के लिए इंकजेट काफी किफायती है। कलर लेजर प्रिंटर और इनके री-फिल बहुत महंगे है।

इसके अलावा अगर आप अपने घर के लिए ही प्रिंटर लेना चाहते हैं तो इंकजेट अच्छा है। लेजर प्रिंटर तभी लें जब आपको काफी सारे प्रिंट निकालने पड़ते हों। अगर आप कभी-कभी ही स्कैन या फैक्स करते हैं तो सिर्फ प्रिंटर ही लें। घर के लिए उसी प्रिंटर को चुनें जिसे खरीदने के बाद खराब होने पर उसकी सर्विस आसानी से हो सके। 

सबसे जरूरी है कि यह प्रिंटर आपके कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ अनुकूल हो। घर और ऑफिस के लिए प्रिंटर लेते समय उसके पेपर हैंडलिंग ट्रे के साइज पर भी ध्यान दें। अगर आप लैटर्स या डॉक्युमेंट्स प्रिंट करते हैं तो ए-4 साइज पेपर के साथ-साथ एनवलप प्रिंटिंग का भी ऑप्शन होना जरूरी है। 

अगर बड़े पोस्टर या फिर ग्राफिक्स और पिक्चर्स जोकि डिस्प्ले में इस्तेमाल करते हैं, आदि को प्रिंट करते हैं तो ए-3 साइज को चुनें। ऑफिस और घर दोनों ही प्रिंटर्स के लिए पेपर के दोनों तरफ प्रिंट करने का ऑप्शन होना जरूरी है। इससे आप स्टेशनरी के खर्च को कम कर सकते हैं साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है।

स्पीड और प्रिंट क्वॉलिटी जिसे हम DPI में नापते हैं , की ओर भी ध्यान देना चाहिए। आम तरह के प्रिंटर जिसमें लेटर्स , ऑफिस मेमोज और प्रेजेंटेशन आदि हो सकते हैं के लिए 600 DPI का प्रिंटर लें। अगर आप हाई रिजोल्यूशन ग्राफिक्स आदि को प्रिंट करना चाहते हैं तो हायर रिजोल्यूशन का प्रिंटर लें।

What is Modem?

Posted By: Dharmendra Goyal - 11:20 pm


कंप्यूटर की दुनिया में मोडेम की खासी चर्चा होती रहती है। यह पहले बड़ा और कंप्यूटर से बाहर होता था लेकिन अब यह छोटा और इनबिल्ट हो गया है।

मोडेम का पूरा अर्थ होता है मॉड्युलेटर-डिमॉड्युलेटर। यह एक ऐसा उपकरण है जो कंप्यूटर को टेलीफोन या केबल से डेटा भेजने में मदद करता है। कंप्यूटर इंफोर्मेशन को डिजिटल फॉर्म में इसके जरिये स्टोर किया जाता है जबकि टेलीफोन से मिले डेटा को एनालॉग तरंगों के रूप में भेजा जाता है। मोडेम दोनों फॉर्म के बीच काम करता है।

आजकल हर सेवा के अलग-अलग मोडेम होते हैं जैसे
  • फैक्स मोडेम,
  • केबल मोडेम,
  • पीसीआई मोडेम,
  • वायरलेस मोडेम वगैरह-वगैरह।

इन सभी का काम एक ही है। मोडेम का वर्गीकरण उसके डेटा भेजने की क्षमता के अनुसार ही होता है।

How to Install Hindi Font in XP

Posted By: Dharmendra Goyal - 6:15 pm


विंडोज एक्सपी में हिंदी फॉण्ट इन्स्टाल करने की प्रोसेस निम्न प्रकार है :- 

CLICK ON START 
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Control Panel
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Date, Time, Language and Regional Options
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Regional and Language Options
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Languages Tab
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Install files for complex scripts
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Finally Click on APPLY button 

अब खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में दिखाया जाएगा कि आप अपने कंप्यूटर में इन्डिक और कुछ दूसरी भाषाओं की फाइलें कॉपी करने जा रहे हैं। इस पर OK करें।

इस पर आपसे इन्स्टॉलेशन सीडी मांगी जाएगी। इसके बाद कंप्यूटर सीडी से कुछ फाइलों को कॉपी करेगा।

यह प्रोसेस पूरा होने पर इसी टैब में ऊपर दिया Details बटन दबाएं और Add बटन पर क्लिक करें। अब खुलने वाले छोटे डायलॉग बॉक्स में अलग-अलग स्क्रिप्ट्स की लिस्ट होगी, जिसमें हिंदी को चुनें। अब OK बटन दबाकर Regional & Language Options वाला डायलॉग बॉक्स बंद करें।

विंडोज टास्क बार पर EN और HI वाला ऑप्शन दिखाई देने लगेगा। यानी हिंदी यूनिकोड समर्थन सक्रिय हो चुका है।

नोट : अगर लैंग्वेज बार दिखाई न दे तो Start>Control Panel>Date, Time, Language and Regional Options>Regional & Language Options>Languages Tab> Details पर जाएं और Language Bar... बटन पर क्लिक करें। यहां दिखने वाले Show the Language bar on the desktop ऑप्शन के सामने बॉक्स पर टिक कर OK करें और फिर से OK दबाकर डायलॉग बॉक्स बंद करें। लैंग्वेज बार दिखने लगेगा।

सुपर लैपटॉप

Posted By: Dharmendra Goyal - 9:01 pm
टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदलती जा रही है और इसमें नित नए अविष्कार हो रहे हैं। सुपर कंप्यूटर के बाद अब रहा है सुपर लैपटॉप जिसे अल्ट्राबुक का नाम दिया गया है।

यह बेहद हल्का और प्रभावशाली है तथा इसकी बैटरी बहुत ताकतवर है। इस अल्ट्राबुक का स्क्रीन 11 से 13 इंच तक का है। इसके पास कैलकुलेट करने की क्षमता बहुत ज्यादा है।



ताइवान की कंपनी एसस इस अल्ट्राबुक को बारत में लांच करेगी। इसे यूएक्स 21 का नाम दिया गया है और यह अगले साल के शुरू में भारत में उतरेगी। इसकी कीमत एक हजार डॉलर यानी 45,000 रुपए होगी। एशर भी एक अल्ट्राबुक लांच करेगी।



इस अल्ट्राबुक में इंटेल का चिप लगा हुआ है जो बेहद आधुनिक और तेज रफ्तार है। यह सुपरलैपटॉप बाजार में बिक रहे लैपटॉप से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली है।

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